आंटी और उनकी बेटी (COUSIN) का मुझसे चुदवाने का मस्त प्लान



फ्रेंड्स मेरा नाम कुणाल है। मैं 21 इयर्स का हूँ, और मेरा रंग घेहूँ,आ है। मेरे लंड का साइज़ साढ़े 6 इंच का है। और मेरे लंड में इतनी ताकत है, की मैं किसी की भी चूत को शांत कर सकता हूँ,।

  • मेरी दो कजिन है, एक का नाम परिधि है,
  • और दूसरी का विना।
  • हम तीनो ऑलमोस्ट सेम उम्र के ही है।
  • और एक दुसरे को हाथ से खुश करते है।
  • हम तीनो ने कभी रियल सेक्स नहीं किया था,
  • बस ऊँगली चोदन किया था।

एक दिन परिधि ने मुझे बताया की उसके घर पर कोई नहीं है। और उसे कुछ मजे करने थे। तो मैं उसके घर पर चला गया। उसका घर मेरे घर से कुछ आधे घंटे की दुरी पर था। उसके घर पहुँच के मैंने बेल बजाई। 
उसने आ के दरवाजा खोला। उसने एक मस्त सेक्सी दिखने वाला पेन्सिल स्कर्ट पहना था और उसके ऊपर एक ढीला शर्ट पहना हुआ था। मैंने अंदर घुस के उसे पकड़ लिया और उसके होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा के चूसने लगा। परिधि ने भी मजे से मुझे सपोर्ट किया और सामने मुझे कसने लगी। मैं उसको किस करते हुए उसकी गांड को दबा रहा था।

हमने करीब 10-12 मिनट तक एक दुसरे को ऐसे ही स्मूच किया। उतने में उसने मेरे शर्ट और पैंट को उतार दिया। मैं अभी सिर्फ अपनी जोकि में था और मेरा लंड एकदम खड़ा हुआ था। मैंने उसके शर्ट को फाड़ दिया और उसके मस्त बूब्स और भूरी ब्रा मेरे सामने थे। मैंने अपने दांतों से उसकी ब्रा को उतारा और उसके निपल्स को प्यार करने लगा।

मेरे ऐसे हॉट प्यार करने एक ढंग से मेरी कजिन बहन भी एकदम सेक्सी हो गई थी। उसके मुहं से भी अह्ह्ह अअह्ह्ह ओह ओह किया आवाजें निकलने लगी थी। वो कंट्रोल के बहार होने लगी थी। उसने मेरी जोकि को खिंच के फाड़ डाला और मेरे लंड को पकड़ के उसे स्ट्रोक करने लगी। उसने मेरे लंड के आगे की चमड़ी को जोर से खिंच  दिया जिस से मुझे दर्द होने लगा था।

आज वो बहुत ही तूफानी लग रही थी। और उसने फिर अपने घुटनों के ऊपर बैठ के मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी। 

उसका मुहं एकदम गिला था थूंक से भरा हुआ जिस से मेरा लंड भी एकदम चिपचिपा सा हो गया था। वो किसी प्रोफेशनल रांड के जैसे ही मेरे लोडे को चाट रही थी और चूस रही थी। उसने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा और मैं उसके मुहं में ही झड़ भी गया। अब मैने उसे अपने पास खिंच के उसकी स्कर्ट को उतार दी। उसने मस्त पैंटी भी पहनी हुई थी मेरे लिए।

और फिर मैंने झटके से उसकी पैंटी को भी निकाल दिया। और मेरे सामने परिधि की सेक्सी गुलाबी चूत थी जिसके ऊपर बाल भी थे। मैंने परिधि को अपने आर्म्स में उठाया और सोफे में बैठ गया। फिर वहां पर हमने 69 पोजीशन बना ली और एक दुसरे को चाटने लगे। हम दोनों एक दुसरे को ऐसे चूस रहै, थे जैसे कल होना ही नहीं था। सच में फ्रेंड्स वो फिलिंग ऐसी थी की मैं शब्दों में बता ही नहीं सकता उसे। मैं भी एकदम मजे से उसकी चूत को चूसता गया।
उसने उस वक्त अपनी दोनों जांघो को मेरे ऊपर कस लिया था। और फिर उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकल पड़ा। वो एकदम खारा था और उसके अन्दर उसकी चूत का पसीना भी लगा हुआ था। लेकिन सच में एकदम टेस्टी था। फिर हमने साथ में शावर लिया।

और तभी दरवाजे की घंटी बजी। हम दोनों के दिल की धडकन भी बढ़ गई। इस वक्त कौन आ गया। परिधि ने तो कहा था की 2-3 घंटे तक वो अकेली थी। मैंने उसका शर्टफाड़ा था इसलिए उसने एक और शर्ट डाला। मेरी जोकि भी फटी पड़ी थी इसलिए मैंने बिना अंडरवेर के ही जींस पहन ली। करीब पांच मिनिट के बाद परिधि ने दरवाजा खोला तो वहां पर उसकी मम्मी अंशु खड़ी हुई थी। वो मेरे पापा की सगी बहन यानी की मेरी बुआ है।
अंशु आंटी ने अन्दर आ के मुझे देखा। मेरा लंड जींस में से साफ़ दिख रहा था अन्दर अंडरवेर ना होने की वजाह से। उसने मुझे अजीब नजरो से देखा। और फिर हम दोनों को उसने बेडरूम में आने के लिए कहा। मैं और परिधि उसके साथ ही अंदर चले गए।

  • आंटीजी:- क्या कर रहै, थे तुम दोनों?
  • मैंने एकदम मासूम बनते हुए कहा, कुछ भी नहीं आंटीजी ऐसे ही बैठे थे।
  • आंटीजी:- चूप, जूठ मत बोलो मुझे सब कुछ पता है।
  • मैं:- (डरे हुए आवाज में) क्या पता है, आंटीजी?
  • आंटीजी:- वही जो तुम लोग कमरे में कर रहै, थे।
  • मैं:- सोरी आंटीजी प्लीज़ ये सब आप मम्मी पापा को मत बताना वरना मुझे मार ही डालेंगे।
  • आंटीजी:- हां, लेकिन तू ये सब नौटंकी मत कर। मैं ऐसा कुछ नहीं करनेवाली हूँ,।
  • मैं:- थैंक यूआंटीजी।
  • आंटीजी:- सिर्फ थैंक यूसे काम नहीं चलेगा बच्चे।
  • और ऐसा कहते हुए वो मेरे पास आई और मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही दबा दिया।
  • मैं:- आंटीजी ये क्या कर रही हो आप?
  • आंटीजी:- चूप साले, इतना भी शरीफ मत बन।

उसने अब मेरी पैंट को खोला और मेरे लंड को देख के बोली, मेरा भतीजा अब बड़ा हो गया है!
और ऐसे कह के उसने मेरे लंड को पकड़ के उसे हलके से हिलाया। फिर उसने परिधि को कहा जा तू किचन से थोडा तेल ले के आ कटोरी में।
कुछ देर में परिधि तेल ले के आ गई और उसके चहरे के ऊपर हलकी सी स्माइल थी। मैंने उसे पूछा तू क्यूँ हंस रही है, बे। तो वो बोली, मम्मी ने हमें लास्ट बार ही देख लिया था। तब मुझे डांटा था और कहा था की अगली बार वो तुम्है, पकड़ेंगी। और फिर मैंने और मम्मी ने ये प्लान बनाया था। दरअसल मम्मी को तुम्हारे साथ मजे करने थे।

“आंटी और उनकी बेटी की मुझसे चुदवाने का  प्लान”
मैं ये सुन के खुश और हैरान दोनों हो गया।
अंशु आंटी 37 इयर्स की है। उसका रंग एकदम साफ़ है, और वो थोड़ी मोटी है। आंटीजी की गांड एकदम अमेजिंग है, बिलकुल ही उसकी बेटी परिधि के जैसी। वैसे मैंने आंटीजी को सोच के भी अपना लंड हिलाया था इसलिए मेरे लिए तो आज फायदे का ही सौदा था।
आंटीजी ने तेल लिया और उसे मेरे लंड के ऊपर लगा के उसे मसाज देने लगी। मेरा लंड एकदम कडक हो चूका था और चमक रहा था। उसने कुछ देर तक मसाज किया और साथ में वो अपनी साडी को उतारने लगी। मैंने आंटीजी को कहा की आप ब्लाउज और पेटीकोट को मत खोलना। फिर मैं आंटीजी के पेटीकोट में घुस गया। आंटीजी की चूत क्लीन थी और उसका छेद एकदम बड़ा था। मैं आंटीजी की चूत को चाटने लगा। आंटीजी बोली वाह रे भतीजे क्या चूत को चाट रहा है, तू तो!

फिर मैंने आंटीजी की पेटीकोट को उतार दी और अपनी एक ऊँगली को उसकी चूत में डाल के उसे चोदने लगा। दुसरे हाथ से मैंने आंटीजी के ब्लाउज के बटन खोले। वर्ष आंटीजी ने ब्लाउज निकाला। अंदर उसने ब्लेक ब्रा पहनी हुई थी। आंटीजी के बूब्स बहार आ गये और मैंने उन्हैं चूसने लगा।
तभी परिधि भी वहां आ गई और उसने मेरे तेल वाले लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी। वर्ष आंटीजी भी अब एकदम न्यूड हो के अपनी बेटी के साथ में लग गई लंड चूसने के लिए। दोनों माँ बेटी ने बड़े ही मजे से मेरे लंड को चूसा और उसका पानी छुड़ा दिया।

फिर अंशु आंटीजी को घोड़ी बना के मैंने अपने लंड की वर्जिनिटी दूर की। कुछ देर में परिधि की सिल पेक चूत भी मेरे लंड का शिकार हुई। अंशु आंटीजी ने मुझे कहा की तुम और परिधि चुदाई कर सकते हो लेकिन बिना कंडोम के नहीं। कही वो प्रेग्नेंट हो गई तो फिर उसकी शादी में पोब्लेम होगी!

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