पढाई के चक्कर में भाई ने बहन की चूत में हाथ दिया



दोस्तो आज मै लोगों को अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ. आप इस घटना को पढ़ने के बाद खुद ही समझ जाओंगे कि इस बात मै कितना दम हैं. 

  • मेरा नाम राहुल है. और मै २४ साल का हूँ. 
  • मेरा लण्ड 5.5 ईन्च लम्बा 
  • और 2.4 ईन्च मोटा है. 
  • मै बचपन से ही पढ़ाई मै होशियार हूँ। 

और मेरी इस योग्यता की वजह से मेरे को चुत नसीब हुई और नही भी. तो जानिए कैसे:- मै जबलपुर मै रहता हू. और मै २४ साल का हों गया हूं.लेकिन अभी तक मै हिला हिला के काम चला रहा हु. मै हमेंशा सोचता था कि मेरे को चुत कब नसीब होगी. आखिर मेरे भी अच्छे दिनो की शुरुवात हो गई. मेरे पड़ोस मै एक बहुत ही सैक्सी लड़की रहती हैं। उस का नाम राखी है. वो 18 साल की है. वो अधिकतर टाइट जीन्स और टी-शर्ट पहनती है. उस का फिगर बिलकुल फिट है.और उस के बूब्स का साइज भी मीडियम है. और टाइट भी. बट उस की गांड बड़ी थी. मै तो हमेंशा उस की गांड को याद कर कर के मुठ मारता रहता था. कॉलोनी मै सब को पता है कि मै पढ़ाई मै होशियार हूँ। बस एक दिन राखी कि माँ मेरे पास आई और मेरे से कहा:-
राखी की माँ:- बेटा राहुल राखी इस बार 12 वी क्लास मै आ गयी है. और उस की इस बार बोर्ड की एग्जाम हैं. तो तू राखी को मैथ का टूशन करवा दे. तू बोलेंगा उतने पैसे दे दूंगी.
{ये सब सुन कर मेरी तो बल्ले बल्ले हो गई. और मै राखी को चोदने के सपने देखने लग गया. मैने ऑन्टी को हां कर दिया.}

अगले दिन राखी स्कूल के बाद मेरे पास टूशन पढ़ने आ गई. उस के टाइट बूब्स और गांड को देखकर मेरा लौड़ा पेंट फाड़ने को तैयार हो गया. अब मै और भी ज्यादा सपने देखने लग गया. लेकिन उस कमीनी के एक वर्ड ने मेरा सपना चूर चूर कर दिया. वो बोली:-
राखी:- भैया किस चैप्टर से स्टार्ट करोगे. !!!!!!!!!!!!!!

{ ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे लण्ड पर लात मार दी हो. अब मेरा दिमाक ख़राब. मै बोला }

राहुल {मै खुद }:- देख राखी यहा पर कोई किसी का भैया नही है. तू स्टूडेंट है और मै तेरा टीचर. ऐसा बोलते हुए मैने उस की जांघ पर हाथ रख दिया. उस ने झट से मेरा हाथ हटा दिया और बोली.
राखी:- भैया मै यहा पर पढ़ने आयी हूँ. और आप मेरे को पढ़ाओ {मेरी तो इक बार गांड फट गई }
फिर मैने उस को पढ़ाना शुरू कर दिया. और बहुत अच्छा पढ़ाया. वो मेरी नॉलेज को देख इम्प्रेस हो गई. और जाते जाते बात बोल गई
राखी:- वैसे आप का माइंड पढ़ाई के साथ साथ उन कामो में भी चलता है. तो मै चलती हूँ जी भैया { लेकिन इस बार उस की बातो में मज़ाक था. मैने भी उस की गांड पे धीरे से हाथ मारा और कहा ठीक है कल मिलते है ‘ वो हस्ते हुए चली गई. { अब क्या था मैने रात भर उस को याद कर कर के खूब अपने लौड़े को हिलाया।
अगले दिन वो वापस पढ़ने के लिए आ गई. उस ने वाइट कलर की टी:- शर्ट पहन रखी थी जिसमे से उस के निप्पल साफ़-साफ़ दिख रहे थे. और उस की गाण्ड हाए क्या बताऊ!! वो तो बोम्ब थे. मैने भी आज पजामा पहन रखा था. तो मेरा लौड़ा उस को देख कर खड़ा हो गया. राखी की नज़र मेरे लौड़ा पर पड़ चुकी थी लेकिन वो अनजान बन रही थी. वो मेरे बगल में आकर बैठ गई और हमनें पढ़ाई शुरू कर दी. अब राखी की चुत में भी खुजली होने लग गई थी. वो किताब में सवाल देखने के बहाने आगे झुकती और उस के बूब्स मेरे हाथ को बार बार छु रहे थे. मैने जोर से बोला हे प्रभु कब मिलेंगी
तो राखी बोली अंकुर:- “समझदार को इशारा  ही काफी है”
बस फिर क्या था मै समझ गया. और मैने अपना हाथ उस के बोबो पर रखा और जल्दी से हटा दिया. वो बोली और कितनी हिंट दू आपको भैया { और हँस पड़ी } बस अब मैने कॉपी:- किताब साइड में रख दी और उस को पलंग पर लिटा दिया। सब से पहले मैने उसे जी भर के किस किया. फिर उस की टी:- शर्ट उतार दी. फिर !!!!!!! उस के बूब्स देख कर तो मै पागल ही हो गया मोटे मोटे बूब्स और उन पर पिंक पिंक निप्प्ल्स आह्ह उन को चूसने में मज़ा ही आ गया अब मै उस के बोबो को जोर जोर से मसल रहा था और उस की चुत में उंगली भी डाल दी. उस की चुत ने पानी छोड़ दिया.
राखी:- अब आगे भी बढ़ो भैया  बहन भाई चुदाई के लिए हमारे पास पूरा दिन नही है।
बस फिर मैने अपना लौड़ा निकाल दिया मैने उसे लौड़ा मुँह में लेने को कहा बट उस ने नही लिया. तो मैने अपना लौड़ा उस चुत पर रख दिया ओर राखी बोली भैया धीरे धीरे डालना मैने बोला ठीक है जानू. मैने लौड़ा उस की चुत पर रखा और धीरे से धक्का दिया वो चिल्लाई आईईईईईई और हट गयी. बोली बहुत हो गया बहन भाई चुदाई। अब कल करवा लुंगी.
अब मै क्या करता मैने कहा बस एक बार और लगा लेने दे. बड़ी मुश्किल से वो मान गई. अब मैने अपने लौड़ा पर तेल लगाया और उस की चुत पर रख दिया. और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा। राखी अब बहुत गरम हो गई थी. उस ने कस कर मेरी पीठ को पकड़ रखा था. बस मैने एक जोर से झटका लगाया और लौड़ा पूरा चुत के अंदर. राखी जोर से चिल्लाई आआआआआ।.मैने तुरंत उस के मुँह पर तकिया रख दिया. थोड़े देर में वो चुप हो गयी और अपनी चुत को देखने लगी. उस की चुत अब फट चुकी थी और खून बह रहा था.
फिर मैने वापस उसे किस किया बूब्स दबाए और फिर से उस को गरम कर दिया. अब मैने फिर से अपना लण्ड राखी की चुत में घुसाया और खूब चोदा उसे भी बहुत मज़ा आया। मैने राखी को अपने दोस्तों से भी चुदवाया. अब हम सप्ताह में २ या 3 बार चुदाई करते है तो हो गया ना पढाई पढाई में बहन भाई चुदाई।

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