बहन की चूत के साथ मस्ती – सिस्टर सेक्स स्टोरी



हेलो मेरे प्यारे दोस्त मै chudai ki kahani, desi kahani, hindi sex stories, chudai story, sex kahani, xxx story आज मै आपको एक गज़ब मस्त कहानी सुना रहा हूँ जो की मेरे सिस्टर के बारे मै है आज मै आपको बताऊंगा मैने कैसे अपने सिस्टर का सील तोडा।  खूब चुदाई की साली की।  मजा आ गया तो सोचा क्यों ना मै अपने रियल कहानी डॉट कॉम वाले दोस्तों को भी अपनी सिस्टर की चुदाई के बारे में बताऊँ।  तो देर किस बात का दोस्त हाज़िर हूँ अपनी कहानी लिए क्यों की जब मै यहाँ दूसरों की कहानी पढता हूँ तो मेरा भी फ़र्ज़ बनता है की मै भी अपनी कहानी आपलोगो से शेयर करूँ। ये कहानी मेरी सिस्टर के साथ हूँए एनकाउंटर की हे उसका रंग गोरा बाल काले ओर घुंघराले ओर फिगर की क्या बात करू दोस्तो देख के ही खड़ा हो जाय सभी का ओर उसी वक़्त मूठ मार लो उसका फिगर 34 28 36 हे हेना पर्फेक्ट सेक्स फिगर चलो देर ना करके सीधा कहानी पर आता हू
मै मुंबई में रहता हूँ। मेरे घर मे मेरी मोम मै सिस्टर ओर पापा हे पापा एलेक्ट्रॉनिक डिपार्टमेंट मे है जिनकी सैलरी कुछ खास नहीं हे |
इस साल ही मेरी सिस्टर बारह्वी पास की तो मैने उसको गिफ्ट में एक अच्छा सा मोबाइल फ़ोन गिफ्ट किया।  रात को फिर वो मेरे पास आई और फिर एंड्राइड पे कुछ नयी नयी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए बोली। मै उसके मोबाइल में सॉफ्टवेयर डालने लगा तभी मेरे क्लाइंट का फ़ोन आने लगा था।  उसी समय मै अपनी सिस्टर की चूची देख ली उस समय वो एक ढीली ढली सी टी शर्ट पहनी थी मेरा मन तो बहक गया मै क्या करता मेरा तो लैंड खड़ा होने लगा कोई चारा भी नहीं था मस्त मस्त गदराई हूँयी सी चूची जो थी मै भी क्या करता तुरंत बाथरूम में गया और मूठ मार ली। 

एक दिन मे अपन कमरे मे नंगा था कपड़े बदला रहा था तभी अचानक से वो कमरे मे घुस आई मे डोर लॉक करना भी भूल गया था ओर उसने मूज़े नंगा देख लिया फिर वो तुरंत ही चली गयी ओर बाद मे मुझे से माफी माँगी उसकी भूल के लिए मेने भी माफ़ कर दिया। 

वो अपने न्यू सेल पे एक बार पॉर्न देख रही थी तो मेने देख लिया उसे लेकिन कुछ कहा नहीं क्यू की मे भी उसे चोदना चाहता था तो उसे गरम होने दे रहा था जैसे से ही उसने पॉर्न बंद की मे उसके पीछे से पास जाकर बैठ गया उसे ये लगा की मे उसे वीडियो देखते हूँए देखलिया हे लेकिन मे अनजान बना रहा वो गरम हो चुकी थी ये देख के मेरा लौड़ा पायजामे मे ही टेंट बना दिए था वो ये देख सके इसतरह मे पास ही बैठ गया ओर टीवी देख ने लगा बात बात ओर मै उसके कमर ओर बदन को फील करने लगा ओर वो ओर गरम होती गई ऐसा व्यवहार मेने कई दीनो तक किया आख़िर सब्रका फल मीठा जो होता हे फिर उसकी नज़र मे मेने कुछ प्यास देखी की जो मे ही बुझा सकता था फिर मेने जान भुज कर जब मे क्लाइंट से बात करता तो वो सुन सके उस समय मै और भी सेक्सी सेक्सी बात करता था। 

आख़िर मे मेरा इंतजार खत्म हूँआ ओर वो घड़ी आयी गई की जब मे उसकी चुत का भोसड़ा बना डू उस रत मे अपने घर पर था ओर मां ओर पापा बाहर गये थे और वो एक हफ्ते बाद आने वाले थे मेरी सिस का भी वाकेशन था सो वो भी घर पर ही थी हम रोज रत को बाहर खाना खाने जाते थे मेरी बाइक पे तो मे जान बुजकर ब्रेक मरता ताकि उसे गर्म कर सकु लेकिन वो भी क्या खुद को कंट्रोल करती थी उसे लौड़ा की प्यास थी
लेकिन वो उस प्यास को बुझा ना ही नई चाहती थी फिर मेने वियाग्रा उसे रात को खिलाई ओर बोला की इसे नींद अच्छी आती हे ओर उसके गरम होने का वेट किया जैसे ही वो गरमा हूँई मे उसके सामने नंगा हो गया ओर वो मेरा खड़ा लौड़ा देख के पागल हो गई ओर लोलीपोप की तरह चूस ने लगी दोस्तो क्या बतौ की क्या मज़ा अरहा था जैसे जन्नत मे हू मे फिर मेने उसको लेटया ओर उसकी अनचुई चुत को चाट कर मज़ा लिया मे ओर उसको सातवे आसमान की सेर कराई
फिर हमारा रीलेशन ही बदल सा गया हो फिर वो रह नहीं पा रही थी मेरे लौड़ा की बगैर वो मुझे ज़ोर ज़ोर से बोल रही थी की मे कब से तेरे से चुदबाना चाहती थी आज मेरी ये ख्वाहिस पूरी कर दे ओर मेरी चुत को फाड़ दे मेरी चुत चोद दे उसे भोसड़ा बना दे मुझे आज कच्ची कली से फूल ओर देरी मत कर फाड़ दे चुत मेरी ये सब सुन कर मुज मे नया जोश जेसे अगया हो वो पहली बार चुद रही थी इसलिए मेने पास मे रखी पेट्रोलियम जेल ली
ओर थोड़ी उसकी चुत पर ओर मेरे लौड़ा प्र ल्गाई पहले तीन चार धक्के मारे लेकिन लौड़ा फिसल ही जाता था फिर क्या जैसे मे भाभी को चोदता वैसे ही लॅंड लगाया चुत पे ओर ज़ोर का ढाका मारा पूरा लौड़ा एक जटके मे अंडर गुसा दिया ओर जैसे ही मेरा लौड़ा घुसा कुछ फटा हो ऐसा महसूस हूँवा मुहे ओर मे समझ आ गया की मेने इसकी सील तोड़ दी ओर वो ज़ोर से चिल्ला उठी ओर बोलने लगी की निकालो अपने लण्ड को मेरे चुत से बहूँत दर्द हो रहा है।  मै रो दूंगी प्लीज निकालो मुझे सहन नहीं हो रहा है। 

फिर मे उसी पोज़िशन्स मे रहा ओर उसका मूह अपने मूह से बाँध किया वो थोड़ी देर तड़पदै बाद मे नॉर्मल हो गई उसकी आँख से आँशु निकल गये थे फिर मे उसे धीरे धीरे फिर से उसके चुत में डालने लगा और उसकी चूची को दबाने लगा।  वो फिर भी दर्द से कराह रही थी पर करीब दस मिनट के बाद वो नार्मल हो गयी और फिर वो अपना गांड उठा उठा के चुदवाने लगी।  मैने उसको फिर अलग अलग पोसिशन में चुदाई की।  और चूच के निप्पल को अपने दांत से दबाता तो वो और भी कामुक हो जाती। 
उस दिन मैने कई बार उसको चोदा उस दिन वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी क्यों की वो काली से फूल बानी थी।  उसके चुत में कॅाफ़ी दर्द हो रहा था।  फिर शाम को मैने दर्द की टेबलेट के साथ साथ मैने गर्भ निरोधक गोली भी खिलाया ताकि वो प्रेग्नेंट ना हो जाये।  फिर क्या अब तो मै रोज उसको चोदता हूँ।  आपको ये कहानी कैसी लगीजरूर बताये प्लीज। 

loading...
loading...