राखी दीदी की चूत चुपके से मेरे मस्ताना-लंड के हवाले



मैंआज आपको उस समय की बात बताता हु जब मैं छोटा था। करीब 19 साल का था।
​राखी दिदि मुझसे 1 साल बड़ी हे। में जब क्लास ग्यारह में था तब मुझे पहली और बार अट्रॅक्षन हुआ राखी दिदि को देख कर ओर और तब मुझे लगा की राखी मेरे लिए हे और ओर में तब से राखी दिदि के साथ सेक्स करना चाहता था। वो मेरे दूर के रिश्तेदार की लड़की थी वो हमारे यहाँ पढ़ने के लिए आई हुई थी

दिदि ओर मै एक ही कॉलेज से एक ही क्लास में बी एस सी कर रहे हे। सुबह का वक्त था, राखी दिदि बात ले रही थी, शायद वो बाथरूम का दूर बंद करना भूल गयी थी। मुझे भी बात लेना था, में बाथरूम में गया तो देखा की मेरी बहन राखी नंगी हे ओर वो बात ले रही हे, मै उसको देखा तो उसको देखते ही रही गया। उसने भी मुझे देखा तो वो भी जैसे थी वैसे ही खड़ी रही ओर मुझे देखती रही। मै भी उसको देखता रहा, मैने उसकी चूत को पहली बार देखा ओर देखता ही रही गया, कितनी प्यारी थी मेरी बहन राखी की चूत, राखी की चूत पे हल्के-2 हेयर थे। मैने उसके बूब्स को देखा, राखी की निप्पल बहुत ही मस्त ते। मै उसको देखते ही रहा ओर वो भी मुझे देख रही थी। शायद उस वक्त हम दोनों का ब्रायन काम करना बंद कर दिया था। फिर मुझे होश आया तो मैने सॉरी कहा ओर वहां से चला गया।

हम कॉलेज साथ में जाते ते कार से। कॉलेज जाते वक्त रास्ते में कार में हम दोनों एक दूसरे से नज़र नहीं मिला पा रहे ते। कार में एक नज़र और उसने मुझे देखा ओर उसकी नज़र मुझसे मिली और ओर फिर हम दोनों एक दूसरे को स्माइल दिया लेकिन हमने कुछ कहा नहीं।
रात में हम साथ में सोते थे। एक ही बिस्तर पे एक ही रज़ाई में। उस वक्त दिसंबर का महीना था। हम दोनों पास में बैठ के स्टडी कर रहे ते। मै बाइयालजी पढ़ रहा था, उसमें एक चेप्टर था “रिप्रोडक्टिव सिस्टम”। उस चेप्टर में गर्ल्स ओर बोय्ज के मस्ताना-लंड ओर चूत के बड़े में डीटेल में दिया था विद फिगर, ओर बचे कैसे होते हे ये भी बताया था उस चेप्टर में। चेप्टर में मस्ताना-लंड कैसे चूत में डालते हे ये भी दिया था विद फिगर। राखी मेरे बगल में सो गयी रज़ाई ओढ़ के। मुझे सुबह का याद आ रहा था, राखी की चूत मेरे दिमाग में थी, मेरा मन राखी को पेलने का कर रहा था, मै उस चेप्टर में चूत का डाइयग्रॅम देखा तो मैने अपना आंडरवेयर निकल दिया ओर मस्ताना-लंड को हाथ में लिया ओर मसल रहा था और मस्ताना-लंड को ओर ऊपर-नीचे करता रहा। मेरा मस्ताना-लंड गरम हो गया। मुझे लगा की मेरे मस्ताना-लंड से कुछ निकल रहा हे। मै राखी दिदि के सेर के पास बैठ गया ओर ज़ोर-ज़ोर से मूठ मरता रहा। मै लाइफ में पहली बार मूठ मारा उसे दिन। मेरा सफेद-सफेद स्पर्म निकालने लगा मस्ताना-लंड से, मैने स्पर्म अपने हाथ में ले लिया। मै अपना स्पर्म एक हाथ में ले के राखी दिदि के लिप्स पे लगाया ओर उनका लिप्स चातने लगा। राखी दिदि नींद में थी, उन्हें कुछ पता नहीं चला। मै राखी दिदि का लिप्स चाट रहा था स्पर्म लगा के। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था लेकिन डर भी लग रहा था की अगर राखी दिदि जगह गयी तो। फिर मै अपना हाथ पानी से साफ कर के राखी दिदि के बगल में उनके पास उनसे चिपक के लेट गया। मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैने अपना हाथ राखी दिदि के बूब्स पर रखा, ओर उनके बूब्स को प्रेस करने लगा। मै धीरे-2 एक्साईटेड हो रहा था, मुझे सेक्स का नशा चढ़ने लगा।
मै राखी दिदि के सलवार हटा के उनके पेट पे हाथ रखा ओर फिर मैने उनका सलवार ओर ऊपर कर दिया। मेरा हाथ और राखी दिदि के बूब्स के ऊपर उनके ब्रा पे थी। मै उनका बूब्स दबाने लगा। फिर मैने अपना हाथ राखी दिदि के कमर पे रखा। फिर उनकी पेंटी पे हाथ रखा। मै उनके चूत में फिंगर डालने लगा। मैने राखी दिदि के चूत में फिंगरिंग की ओर फिर मै दूसरे साइड होकर सो गया।
अगले नाइट को मैने फिर से जब राखी दिदि सो गयी तो मै उनकी चूत में फिंगरिंग की। मुझे दिदि के साथ सेक्स करने का मन कर रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। मैने अपना मस्ताना-लंड निकल के मूठ मारा(masterbate)। और स्पर्म हाथ में लेकर राखी और दिदि के लिप्स पे लगा के चातने लगा। मुझे लगा की राखी दिदि जगह रही हे। मै सोने का नाटक करने लगा। 15 मिनिट्स बाद दिदि को लगा की में सो गया हूँ तो राखी दिदि बैठ गयी ओर उन्होंने मूझे हिलाया, मैने कोई रिएक्शन नहीं दिया। राखी दिदि को लगा की मै सो गया हूँ। राखी दिदि ने मेरा हाथ अपने तरफ किया ओर अपने पेट पे रख दिया, ओर फिर मेरा हाथ अपने बूब्स पे रख के प्रेस करने लगी।
राखी दिदि ने मेरे आंडरवेयर में अपना हाथ डाला ओर मेरे मस्ताना-लंड को पकड़ लिया ओर मस्ताना-लंड को मसलने लगी। राखी दिदि अपने हाथ से मेरे मस्ताना-लंड को पकड़ के मेरा मूठ मर रही थी। मेरे मस्ताना-लंड से स्पर्म नियालने लगा तो राखी दिदि ने मेरा सारा स्पर्म अपने हाथ में ले लिया ओर राखी दिदि मेरा स्पर्म चाटने लगी ओर मेरा सारा स्पर्म खा लिया। राखी दिदि ने मेरा मस्ताना-लंड फिर अपने हाथ में पकड़ा ओर फिर मेरी प्यारी राखी दिदि ने मेरा मस्ताना-लंड अपने मुंह में लिया ओर राखी दिदि मेरा मस्ताना-लंड चूसने लगी। मेरा मस्ताना-लंड टाइट ओर गरम हो गया था, लेकिन राखी दिदि के मुँह के अंदर था इस लिए उनके मुह के पानी से गरम मेरे गरम मस्ताना-लंड को एक अजीब सा नशा छा रहा था। राखी दिदि 15 मिनट से मेरा मस्ताना-लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी। मेरा स्पर्म निकालने लगा ओर मेरी प्यारी राखी दिदि ने मेरा सारा स्पर्म पे गयी।
मै और उठ के बैठ गया। राखी दिदि मुझे चुप चाप देख रही थी ओर मै भी राखी दिदि को देख रहा था। 2 मिनिट्स के बाद राखी दिदि ने कहा भाई तुम मेरे बॉय फ़्रेंड बनोगे। मैने अपनी प्यारी राखी दिदि को गले लगा लिया। राखी दिदि ने कहा में कल जागी थी जब तुम अपना मूठ मर के अपना स्पर्म मेरे लिप्स पे लगा के किस कर रहे ते, राखी दिदि ने कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
फिर मेरी प्यारी राखी दिदि मेरे लिप्स पे किस करने लगी ओर एक हाथ से मेरा मस्ताना-लंड पकड़ के मसलने लगी। मै भी अपना हाथ राखी दिदि के बूब्स पे रख कर दबाने लगा। हम 15 मिनिट्स तक एक दूसरे के लिप्स चूसते रहे ओर एक-दूसरे को एक्साईटेड करने लगे। मैने अपनी प्यारी राखी दिदि से कहा की दिदि आप मेरा मस्ताना-लंड अपने मुँह में लेकर चूसो। राखी दिदि मेरा मस्ताना-लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मैने राखी दिदि का सेर हाथ से पकड़ के उनके मुँह में अपना मस्ताना-लंड से पेलने लगा, फिर मै राखी दिदि के मुँह में ही अपना सारा स्पर्म निकल दिया। राखी दिदि मेरा सारा मस्ताना-लंड का स्पर्म्ज़ और कहा गयी, जैसे कोई करीम खाते हे।

फिर मैने अपनी प्यारी राखी दिदि का कुरती निकाला, राखी दिदि अब सिर्फ़ ब्रा ओर स्कर्ट में थी। मैने अब राखी दिदि की स्कर्ट भी निकल दी। मेरी प्यारी राखी दिदि अब सिर्फ़ ब्रा & पैंटी में थी। मेरी और प्यारी राखी दिदि ब्रा & पैंटी में बहुत हॉट, सेक्सी & खूबसूरत लग रही थी। फिर राखी दिदि ने मेरा टी-शर्ट अपने हाथ से निकाला, फिर राखी दिदि ने मेरा लोवर निकाला। मै सिर्फ़ आंडरवेयर में था ओर मेरी प्यारी राखी दिदि सिर्फ़ ब्रा & पैंटी में थी। राखी दिदि ने मेरा आंडरवेयर निकल दिया, मैने भी राखी दिदि का ब्रा निकाला फिर मैने अपनी राखी दिदि की पैंटी भी निकाली।
राखी दिदि मेरे सामने नंगी थी ओर मै भी राखी दिदि के सामने नंगा खड़ा था। राखी दिदि बिस्तर पे खड़ी थी ओरऔर मै बैठ के नीचे सेऔर अपनी राखी दिदि की चूत को देखने लगा। मेरी राखी दिदि की चूत पे हल्के-हल्के, छोटे-छोटे हेर और ते । राखी दिदि की चूत बहुत टाइट थी। मैनी दिदि की चूत पे अपना एक फिंगर रखा, ओर फिर फिंगर से राखी दिदि की चूत को मसलने लगा। मैने अपनी फिंगर दिदि की चूत की छेद में डालने की कोशिश की। राखी दिदि की चूत बहुत टाइट थी, फिर मैने धीरे-धीरे अपना फिंगर दिदि की चूत में डाली ओर दिदि की चूत में फिंगरिंग करने लगा। मेरी राखी दिदि के मुँह से और ‘आ-आ-उफ्ह‚ की आवाज़ निकल रही थी। मैने 10 मिनट तक राखी दिदि की चूत में फिंगरिंग की, मेरी राखी दिदि झाड़ गयी ओर दिदि की चूत ने पानी चोर दिया। मैने अपना मुंह दिदि की चूत पे रखा ओर अपने जीभ से अपनी राखी दिदि की चूत से जो पानी निकल रहा था उसको चातने लगा। मैने अपना जीभ राखी दिदि की चूत के छेद पे रख कर चातने लगा ओर फिर मैने अपने जीभ से राखी दिदि की चूत में लीयकिंग करने लगा। मेरी राखी दिदि मेरे सेक्स के नशे में मदहोश हो गयी थी ओर मेरा सेर पकड़ के अपने चूत पे दबा रही थी। राखी दिदि फिर से झाड़ गयी ओर मैने उनके चूत का सारा पानी अपने जीभ से साफ कर दिया।
मेरी राखी दिदि मेरे सेक्स की मदहोशी में पागल सी हो रही थी। मेरी दिदि ने मेरा मस्ताना-लंड को फिर से अपने मुंह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी, मै भी पागल सा हो रहा था। मैने राखी दिदि को बिस्तर पे लेटा दिया ओर अपना मस्ताना-लंड अपनी प्यारी राखी दिदि की प्यारी सी गुलाबी चूत पे रखा ओर चूत के अंदर डालने की कोशिश करने लगा। राखी चीलाने लगी, मैने दिदि के लिप्स पे अपना लिप्स रखा ओर दिदि की लिप्स चूसने लगा ओर धीरे-धीरे अपना मस्ताना-लंड राखी दिदि की चूत में अंदर डालने लगा। मेरी राखी दिदि की आंखों से आँसू आने लगे। मैने मेरी प्यारी राखी की चूत की और सीलऔर तोड़ दी थी। राखी दिदि की चूत से ब्लड निकालने लगा। मैने मस्ताना-लंड चूत से बाहर निकाला। दिदि ने कहा की भाई तुम परेशान ना हो, जब ‘चूत में पहली बार मस्ताना-लंड डालते हे तो चूत की और सील और टूट जाती हे ओर ब्लड निकलता हे‚
मैने फिर अपना मस्ताना-लंड राखी दिदि की चूत पे रखा ओर अंदर डालने लगा, दिदि ने कहा आराम से डालो। मैने अपना पूरा मस्ताना-लंड दिदि की चूत में डाल दी। मेरी प्यारी राखी दिदि दर्द से चिल्लाने लगी ओर रोने लगी। मैने राखी दिदि और के लिप्स पे अपना लिप्स रखा ओर दिदि की लिप्स चूसने लगा ओर साथ में मस्ताना-लंडऔर दिदि की चूत में अंदर-बाहर करने लगा। राखी दिदि की मुंह से ‘आ-आ –उफ़-आ‚ की आवाज़ निकल रही थी। मैने अपनी पेलने की बढ़ता तेज की ओर राखी दिदि को ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा। राखी दिदि और ‘आ-आ –उफ़-आ‚**********‚आ-आ –उफ़-आ‚***** कर रही थी, राखी दिदि का दर्द कुछ कम हुआ। मेरी राखी दिदि अब मेरे सेक्स का मजा ले रही थी। मेरी राखी दिदि की चूत में मेरा मस्ताना-लंड पूरा अंदर तक जा रहा था, जिससे राखी दिदि को बहुत अच्छा लग रहा था। 15 मिनिट्स तक में राखी दिदि को चोदता रहा। राखी दिदि अब झड़ने वाली थी, राखी दिदि ने अपना बॉडी हल्का कर दिया। लेकिन मै राखी दिदि को पेलता रहा। 20-या-25 मिनिट्स बाद मै भी झड़ना वाला था। राखी दिदि फिर से झड़ने वाली थी। राखी दिदि ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया ओर मैने राखी दिदि को पकड़ लिया। मै राखी दिदि की चूत में ही झड़ गया ओर दिदि भी साथ में झड़ गयी। मैने अपना सारा स्पर्म मेरी राखी दिदि की चूत में ही अंदर निकल दिया।
फिर मै राखी दिदि के ऊपर ही लेट गया। राखी दिदि मेरा मस्ताना-लंड हाथ में पकड़ के मसलने लगी फिर राखी दिदि ने मेरा मस्ताना-लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। मै फिर सोफे पे बैठ गया ओर राखी दिदि आ के मेरेऔर ऊपर बैठ गयी। मैने राखी दिदि को मस्ताना-लंड पे बैठाए ही खड़ा हो गया। मै फ्लोर पे खड़ा था ओर मेरी राखी दिदि मेरे मस्ताना-लंड पे अपनी चूत डाल के बैठी थी मेरी गोदी में मुझे पकड़ के। मै राखी दिदि को खड़े-खड़े ही चोदने लगा। राखी दिदि ने मुझे ज़ोर से पकड़ा हुआ था, राखी दिदि को दर्द हो रहा था इसलिए वो मेरे लिप्स पे अपने लिप्स रख कर पागलों की तरह मेरा लिप्स चूस रही थी। मै 30 मिनिट्स तक खड़े-खड़े अपनी प्यारी राखी दिदि को पेलता रहा। राखी दिदि ओर मै दोनों झड़ने वाले ते। हमने एक-दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया ओर फिर से मै अपनी राखी दिदि की चूत में ही अपना सारा स्पर्म निकल दिया। ओर फिर हम बिस्तर पे लेट गये ओर एक-दूसरे की बॉडी पे किस करते रहे & एक-दूसरे को चूमते रहे। ओर फिर हमें नींद आ गयी ओर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक-दूसरे से लिपटे सो गये।

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